श्री श्री सचल कृषि संस्थान
श्री श्री सचल कृषि संस्थान की स्थापना सन २००३ में इस उद्देश्य से की गई कि किसानों को मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाया जाये, साथ ही जैविक कृषि का पुनरोत्थान हो। इस संस्थान के ज़रिये, किसानों को जल प्रबंधन, सिंचाई, रसायन-मुक्त खेती, वैदिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, जैविक उर्वरक एवं कीटनाशक, स्वदेशी बीज के विषय पर शिक्षित किया जाता है, एवं अच्छे किस्म के बीजों का सहकारी बीज बैंक भी चलाया जाता है। इससे पैदावार अधिक होती है, किसानों की समृद्धि एवं मिट्टी की उरवर्क शक्ति भी बढ़ती है। किसानों को जेनेटिकली मॉडिफ़ाइड बीजों के नुक्सान से भी परिचित कराया जाता है।